
हल्द्वानी। परिवहन विभाग की व्यवस्था वाहन स्वामियों को भारी पड़ रही है। काशीपुर एआरटीओ कार्यालय खोल दिया गया है, पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में वाहन स्वामियों को चार महीने से महकमा ‘कच्चा रजिस्ट्रेशन’ ही बांट रहा है। जब नंबर प्लेट लगेगी, तभी नियमानुसार स्थायी रजिस्ट्रेशन का अभिलेख जारी हो सकेगा। लेकिन नंबर प्लेट कब लगेगी, इसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नए, पुराने सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगनी है। लेकिन, जो हालात हैं, उसमें नए वाहनों में नंबर प्लेट लगना ही मुश्किल हो गया है। विभाग ने काशीपुर में एआरटीओ कार्यालय खोल दिया है, पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। ऐसे में वाहन स्वामियों को स्थायी रजिस्ट्रेशन नहीं मिल पा रहा है। उन्हें केवल एक अधिकार पत्र थमाया जा रहा है। चार महीने में करीब चार हजार वाहन स्वामी ऐसे ही अधिकार पत्र को लेकर घूम रहे हैं। आरटीओ एसके सिंह का कहना है कि कार्यालय को किराए के भवन में शुरू किया गया, इसमें सीमित जगह है। जबकि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाली निजी कंपनी ने कार्यालय में मैदान की भी मांग की है, जिसमें ट्रक, डंपर आदि बड़े वाहनों को खड़ा करने की भी जगह हो। ऐसे में नंबर प्लेट लगाने का काम शुरू नहीं हो सका है। दिक्कतों से शासन को अवगत करा दिया है।
सख्त हो चुकी प्रक्रिया
हल्द्वानी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नंबर प्लेट को लेकर सख्ती हो गई है। वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र में वाहन के आगे और पीछे दोनों नंबर प्लेट का नंबर भी दर्ज होता है। इसके बगैर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी नहीं होती और वाहन की आरसी नहीं मिलती है।
